मोपका सब स्टेशन में सुरक्षा इंतजाम फेल पावर ट्रांसफार्मर जलकर खाक…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] एक बार फिर बिजली विभाग की घोर लापरवाही शहर पर भारी पड़ गई। सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका स्थित कुटिपारा 220 केवी सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि आधे शहर और कई ग्रामीण इलाकों को अंधेरे में डुबो दिया।
सब स्टेशन में अचानक आग लगने के बाद हालात इतने बेकाबू हो गए कि वहां मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाकर बाहर भागने को मजबूर हो गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और सब स्टेशन में लगा एक 160 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
जानकारी के मुताबिक, 132 केवी लाइन में फॉल्ट आने के कारण ट्रांसफार्मर के बुशिंग से तेल रिसने लगा। अत्यधिक तापमान के चलते उसी तेल ने आग पकड़ ली। हैरानी की बात यह है कि ट्रांसफार्मर में करीब 100 किलोलीटर से अधिक तेल मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
सब स्टेशन में मौजूद सीमित फायर एक्सटिंग्विशर आग के सामने बेबस साबित हुए और आग तेजी से फैलती चली गई।
दमकल पहुंची तब जाकर मिली राहत
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की सूचना पर फायर डिपार्टमेंट और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई दमकल वाहनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद देर शाम आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। आधा शहर अंधेरे में आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से सब स्टेशन की पूरी बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसका असर सीधे तौर पर बिलासपुर शहर के आधे हिस्से पर पड़ा। इसके अलावा चांटीडीह, सीपत, खमरिया सहित कई ग्रामीण इलाकों में भी घंटों तक बिजली गुल रही, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है जब बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई हो। समय पर मेंटेनेंस, तकनीकी जांच और सुरक्षा उपायों की अनदेखी लगातार बड़े हादसों को न्योता दे रही है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े जनहानि के बाद ही विभाग जागेगा..?
फिलहाल विभागीय अधिकारी नुकसान का आकलन और वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे होने की बात कह रहे हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिजली विभाग की लापरवाही की कीमत आम जनता चुका रही है।

