23 दिन तक अस्पताल में जिंदगी से जूझने के बाद अंततः मौत से हारी वेदिका…!
रायपुर-[जनहित न्यूज़]
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने आई यह घटना केवल एक हत्या की खबर नहीं, बल्कि हर युवा लड़की के लिए एक गहरी चेतावनी है। प्यार के नाम पर किया गया अंधा भरोसा, रिश्ते में बढ़ती हिंसा को नजरअंदाज करना और नशे में डूबे गुस्से को सामान्य झगड़ा समझना
यही भूल वेदिका सागर की जान ले गई।
वेदिका अपने प्रेमी टी. सुनील राव उर्फ शीनू के साथ बार गई थी। दोनों के बीच शादी की बातें चल रही थीं, लेकिन शराब के नशे में हुआ विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। सिर पर बियर की बोतल से हमला, बाल पकड़कर घसीटना और सीने पर बेरहमी से वार…यह सब सीसीटीवी में कैद है, लेकिन वेदिका की चीखें अब सिर्फ सवाल बनकर रह गई हैं।

23 दिन तक अस्पताल में जिंदगी से जूझने के बाद वेदिका हार गई। उसकी मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या प्यार में हिंसा को माफी दी जा सकती है..?
क्या गुस्सा, शराब और मारपीट को रिश्ते का हिस्सा मान लेना सही है…?

युवतियों के लिए संदेश
हिंसा प्यार नहीं होती। पहली बार हाथ उठे, आवाज ऊंची हो या डर महसूस हो उसी वक्त सतर्क हो जाइए।
नशे में किया गया अपराध, अपराध ही होता है। शराब पी रखी थी। कोई बहाना नहीं।

परिवार और दोस्तों से सच साझा करें। चुप्पी कई बार जानलेवा साबित होती है।
कानूनी मदद लेने से न डरें। समय रहते उठाया गया कदम जिंदगी बचा सकता है।
वेदिका अब नहीं है, लेकिन उसकी कहानी अगर एक भी लड़की को गलत रिश्ते से बाहर निकलने की हिम्मत दे सके, तो शायद यह खबर सिर्फ एक मौत की नहीं, एक चेतावनी की आवाज बनेगी।

