कवर्धा में 26 हजार क्विंटल धान हजम करने वाला महाचूहा वांटेड जोगी कांग्रेस ने छेड़ा चूहा खोजो अभियान…!
कवर्धा-{जनहित न्यूज़}
छत्तीसगढ़ में धान गायब होने का मामला अब गंभीर से ज़्यादा कॉमेडी थ्रिलर बनता जा रहा है। कवर्धा जिले के धान संग्रहण केंद्रों से कथित तौर पर 26 हजार क्विंटल धान गायब होने पर प्रशासन ने जो दलील दी, उसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया…!
धान चूहों ने खा लिया।
बस फिर क्या था…
इस बयान के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने चूहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने शहर से लेकर गांव तक ‘वांटेड: चूहा’ के पोस्टर चिपका दिए हैं और जनता से अपील की जा रही है कि अगर इतना बड़ा चूहा कहीं दिखे, तो तुरंत सूचना दें।
जोगी कांग्रेस का कहना है कि यह कोई साधारण चूहा नहीं, बल्कि 26 हजार क्विंटल धान खाने वाला महाचूहा है,
जिसकी भूख 30 करोड़ रुपए तक फैली हुई है।
जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने तंज कसते हुए कहा…
7–8 करोड़ रुपए का धान अगर चूहे खा गए, तो वो चूहे नहीं, अफसरों के रिश्तेदार होंगे। हम पता लगाएंगे कि ये चूहे चार पैरों वाले हैं या दो पैरों वाले।
उन्होंने आरोप लगाया कि कवर्धा ही नहीं, बल्कि महासमुंद, जशपुर और बस्तर में भी इसी तरह धान गायब हुआ है और हर जगह चूहों को ही दोषी ठहराया जा रहा है।
अब मामला यहीं नहीं रुका।
जोगी कांग्रेस ने ऐलान किया है कि अगले दिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी खुद कवर्धा पहुंचेंगे। वे धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और जाल लेकर चूहा पकड़ने वालों के साथ प्रतीकात्मक अभियान चलाते हुए कलेक्टर के सामने पूरे मामले को उजागर करेंगे।
शहर में इस अनोखे आंदोलन को लेकर चर्चा तेज है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं…!
अगर ये चूहा मिल गया, तो उसे गिनीज बुक में दर्ज कराना चाहिए!
फिलहाल सवाल यही है…?
धान सच में चूहों ने खाया या फिर चूहा’ सिर्फ कहानी है…?
जवाब ढूंढने के लिए कवर्धा में अब राजनीति नहीं, चूहा जाल बिछ चुका है।

