बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर नया सरकंडा बरझापारा (गली नंबर 4) निवासी श्रीमती त्रिवेणी कौशिक के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छानुसार देहदान कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। उनके इस निर्णय से चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में शोध करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी सहायता मिलेगी।
श्रीमती त्रिवेणी कौशिक, स्वर्गीय तरुण कौशिक, पुष्पा कौशिक एवं मीना कौशिक की माता तथा लता कौशिक की सास थीं। वे किरन एवं ज्योति कौशिक की दादी थीं। उनके दुखद निधन के बाद, शोक संतप्त परिवार ने उनकी मंशा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर को सिम्स हॉस्पिटल बिलासपुर को सौंपने का निर्णय लिया।
परिजनों का संदेश: परिवार के सदस्यों ने बताया कि श्रीमती त्रिवेणी कौशिक हमेशा से ही दूसरों की मदद करने में विश्वास रखती थीं। उनके देहदान का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा और शोध के माध्यम से भविष्य के डॉक्टरों को सीखने में मदद करना है, ताकि वे समाज की बेहतर सेवा कर सकें।
श्रीमती त्रिवेणी कौशिक के इस प्रेरणादायी कार्य की नगरवासियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा सराहना की जा रही है। समाज के प्रति उनके इस अंतिम योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।

