दुगुना धन करने के झांसे ने फिर खोली ठगी की एक और नई परत…!
ठगी के पांच आरोपी गिरफ्तार…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
पैसे दुगुना करने जैसे प्रलोभनों का लालच एक बार फिर लोगों को भारी पड़ गया। थाना बिल्हा पुलिस ने ऐसे ही एक ठगी के मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 1 लाख 85 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं। आरोपियों ने 2.50 लाख रुपये को 2 करोड़ रुपये बनाने का झांसा देकर पीड़ित से रकम हासिल की थी।
थाना बिल्हा से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी शिव कुमार चेरवा निवासी चर्चा थाना चर्चा जिला कोरिया (बैकुण्ठपुर) ने दिनांक 03.02.2026 को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वयं को गुरुजी बताने वाले व्यक्ति सहित सरपंच रिखीराम नवरंग, विमला बाई, बृहस्पति बाई, बृजबाई गोड तथा उनके चालक विजय राज ने एक साथ मिलकर झरन/तांत्रिक क्रिया के नाम पर 2,50,000 रुपये लेकर ठगी की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा डी.आर. टंडन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बिल्हा ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने ठगी करना स्वीकार किया। आरोपियों से 1,85,000 रुपये बरामद कर अपराध क्रमांक 78/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5), 61(2) भा.न्या.सं. में प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी:
रिखीराम नवरंग, निवासी सम्बलपुरी, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर
विजय राज, निवासी तिवरता, थाना दीपिका, जिला कोरबा
बृजबाई गोड, निवासी माचाडोली बांगो, थाना बांगो, जिला कोरबा
विमला बाई, निवासी बिंझरा, थाना कटघोरा, जिला कोरबा
बृहस्पति बाई गोड, निवासी जुराली नगोई, थाना कटघोरा, जिला कोरबा
इस कार्रवाई में निरीक्षक अवनीश पासवान, प्र.आर. 102 अमर चन्द्रा, प्र.आर. 786 अनिल बंजारे, आरक्षक अर्जुन जांगड़े, संतोष मरकाम, म.आर. सुनीता पाटले एवं चंदा यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संदेशात्मक अपील: लालच नहीं, विवेक अपनाएं
इतिहास गवाह है कि दुगुना पैसा, चमत्कारी विधि और तांत्रिक उपाय जैसे वादे हमेशा से ठगी का जरिया रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी प्रलोभन में न आएं, अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना नजदीकी थाना या हेल्पलाइन पर दें।
याद रखें जहां मेहनत के बिना बड़ा लाभ दिखे, वहां सबसे पहले सतर्क होना जरूरी है।

