सुरक्षा पर हुआ मंथन…!
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने किया आश्वस्त बोले…एसएसपी के सभी निर्देशों का अक्षरशः किया जाएगा पालन…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर राज किशोर नगर स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई बहुचर्चित लूट और इसके कुछ दिन बाद सीपत में घटी घटना को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर पुलिस ने न केवल 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर मिसाल पेश की, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस सुरक्षा रणनीति भी तैयार की, बिलासा गुड़ी स्थित चेतना हॉल में आयोजित बैठक में रजनेश सिंह (एसएसपी) ने सराफा व्यापारियों को सुरक्षा के आवश्यक मापदंडों से अवगत कराया। बैठक से पूर्व सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में लूटकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम का शॉल व मोमेंटो देकर सम्मान किया गया।

इस दौरान रामगोपाल गर्ग (आईजी), एडिशनल एसपी पंकज पटेल सहित ऑपरेशन गोल्ड में शामिल 11 सदस्यीय विशेष टीम को सम्मानित किया गया।
आम जनता भी पुलिस का हिस्सा आईजी
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर हर पहलू का सूक्ष्म विश्लेषण किया। एडिशनल एसपी पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह और पूरी टीम की सतर्कता व रणनीतिक कार्रवाई का परिणाम रहा कि अंतरराज्यीय गिरोह को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया और लूटा गया माल भी सुरक्षित बरामद हुआ।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का सहयोग भी इस अभियान में सराहनीय रहा। आईजी ने कहा, अपराध नियंत्रण में आम जनता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सभी को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझनी होगी।
सुरक्षा मापदंडों पर विशेष जोर
एसएसपी रजनेश सिंह ने सराफा व्यापारियों को उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति, अलार्म सिस्टम और मजबूत लॉकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजाना सोना-चांदी का सामान दुकान तक लाना-ले जाना जोखिम बढ़ाता है, इसलिए दुकान परिसर में ही सुरक्षित भंडारण की पुख्ता व्यवस्था की जानी चाहिए।
निर्देशों के पालन पर सख्ती
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने आश्वस्त किया कि एसएसपी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। अप्रैल माह में सदस्यों के नवीनीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले व्यापारियों की सदस्यता नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
‘ऑपरेशन गोल्ड’ की विशेष टीम
मिर्जापुर जाकर आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली 11 सदस्यीय विशेष टीम में शामिल अधिकारी- कर्मचारी:
उप पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार निरीक्षक किशोर केवट (थाना प्रभारी सिरगिट्टी)
स.उ.नि. शैलेन्द्र सिंह (थाना सरकंडा)
प्रधान आरक्षक क्रमांक 277 बलबीर सिंह (थाना सरकंडा) प्रधान आरक्षक 303 अतीश पारीक (ACCU बिलासपुर)
आरक्षक 1148 सरफराज खान (थाना तोरवा) आरक्षक 1124 आशीष राठौर (थाना सिविल लाइन) आरक्षक 487 वीरेंद्र गंधर्व (थाना पचपेड़ी) आरक्षक 1484 सत्य पाटले (थाना सरकंडा)
आरक्षक 1170 वीरेंद्र साहू (थाना सरकंडा) खोहाली केवेंट
पूरे अभियान का नेतृत्व आईजी रामगोपाल गर्ग और एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।

‘ऑपरेशन गोल्ड’ की इस सफलता ने न केवल बिलासपुर पुलिस की तत्परता और पेशेवर दक्षता को साबित किया, बल्कि अपराधियों के लिए सख्त संदेश भी दिया है कि कानून के शिकंजे से बच पाना अब आसान नहीं।

