एक ही कॉलोनाइजर पर सरकारी-सेवाभूमि हड़पने का लगाया आरोप…!
जांच कमेटी हुई गठित…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी और सेवाभूमि को हड़पने का सनसनीखेज मामला विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि एक ही कॉलोनाइजर ने अलग-अलग संस्थानों के माध्यम से नगर निगम और नगर एवं ग्राम निवेश (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के अफसरों से कथित मिलीभगत कर टाउनशिप एक्ट का उल्लंघन किया और करीब 100 एकड़ क्षेत्र में नियमों के विपरीत निर्माण कराया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने उठाए तीखे सवाल
विधायक सुशांत शुक्ला ने वर्ष 2023-24 से 4 फरवरी 2026 तक बिलासपुर जिले में विकसित की गई सभी आवासीय कालोनियों और व्यावसायिक परिसरों का ब्यौरा मांगा। उन्होंने पूछा:
किन-किन कॉलोनाइजर/कंपनियों ने कहाँ-कहाँ निर्माण किया?
निर्माण का कुल क्षेत्रफल कितना है?
क्या इन परियोजनाओं में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, रेरा से अनुमति न लेना या निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन जैसी शिकायतें मिलीं?
यदि शिकायतें मिलीं तो किन पर क्या कार्रवाई हुई…?
मंत्री का जवाब: 50 शिकायतें, 28 में आदेश वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन को बताया कि: 21 शिकायतें बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जुड़ी
2 शिकायतें रेरा अनुमति न लेने से संबंधित
15 शिकायतें रकम वापसी से संबंधित
11 शिकायतें भू-सम्पदा का अधिपत्य दिलाने से संबंधित
1 शिकायत क्षतिपूर्ति से जुड़ी
कुल 50 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 में आदेश पारित किए जा चुके हैं, जबकि 22 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं।
“सेवाभूमि को EWS के नाम पर पास कराया” विधायक ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर ने नियमों के विरुद्ध टुकड़ों में ले-आउट पास कराया। कोटवार को दी गई सेवाभूमि को राजस्व अधिकारियों और निगम अफसरों की कथित मिलीभगत से EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के नाम पर पास कराया गया।
उन्होंने मांग की कि ऐसे बिल्डर की जमीन की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और फर्जीवाड़े में शामिल अफसरों पर भी कार्रवाई हो।
सरकंडा के तीन खसरा नंबरों का मामला भी गरमाया बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के तीन खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति लिए बिना नगर निगम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुज्ञा जारी कर दी।
उन्होंने कहा कि निगम अधिकारियों ने मंत्री को गलत जानकारी देकर सदन में गलत जवाब प्रस्तुत कराया। साथ ही सवाल उठाया कि विधानसभा को गुमराह करने वाले अफसरों पर क्या कार्रवाई होगी।
जांच कमेटी का गठन, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यदि विधायक सभी दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं तो गठित जांच कमेटी पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। कमेटी में विभागीय अधिकारियों के साथ नगर एवं ग्राम निवेश और नगर निगम के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में जमीन और कॉलोनाइजिंग से जुड़े इस बड़े फर्जीवाड़े के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।

