बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती निवेदिता सरकार एवं उप-प्राचार्या श्रीमती तपोषी सरकार ने महान वैज्ञानिक सी.वी.रमन तथा जगदीश चंद्र बोस के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।

कक्षा दूसरी से लेकर कक्षा ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा 11वीं की छात्राओं राधिका और कुमकुम ने भारत के प्रख्यात भौतिक वैज्ञानिक सी.वी.रमन के जीवन एवं उनके द्वारा खोजे गए रमन प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस महान खोज के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उनके जन्मदिवस पर ही राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।

अंकुर दुबे ने पैकेट फूड के लाभ एवं हानियों पर जानकारी देते हुए बताया कि फास्ट फूड रंगीन, स्वादिष्ट और आसानी से उपलब्ध होने के बावजूद उसमें विटामिन और मिनरल्स की मात्रा कम होती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। श्रद्धा सेन ने कविता पाठ करते हुए विज्ञान के महत्व को रेखांकित किया।

समस्याओं के समाधान का हल पाओगे,
यदि विज्ञान की ताकत को समझ पाओगे।
कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने मोबाइल के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

नाटक के माध्यम से बताया गया कि पहले लोग परिवार और समाज से अधिक जुड़े रहते थे, जबकि आज बच्चे मोबाइल तक सीमित होकर रह गए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

आज के भव्य आयोजन में निर्णायक की भूमिका निभाई गणेश सर अभिजीत राय श्रीमती रितु उपाध्याय एवं लक्ष्मण साहू इसमें विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन करते हुए मॉडल प्रस्तुत किए
श्रीमती रीतू उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह दिवस विशेष रूप से बेटियों को विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है तथा वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में पुरस्कृत विद्यार्थियों के नाम इस प्रकार हैं।

प्रथम स्थान (कक्षा 6वीं)
शौर्य पवार, प्रियांशु गुप्ता, हिमांशु साहू, विपुल कुमार सौर ऊर्जा चालित मॉडल
द्वितीय स्थान (कक्षा 8वीं)
अनुज श्रीवास विद्युत मानव एवं सुरक्षा किट श्रेयांश खंडेलवाल, अनुज, लोकेश ठाकुर, फैजान हुसैन रासायनिक

अभियंत्रण मॉडल:-
तृतीय स्थान (कक्षा 7वीं)
संध्या यादव, कंचन बुनकर, किरण साहू, वृद्धिसाहू डायलिसिस मशीन मॉडल
तृतीय स्थान (कक्षा 4वीं)
हर्षित यादव, अपूर्व विश्वास, मयंक उपाध्याय, अभिनव तिवारी रिमोट कंट्रोल बल्ब सांत्वना पुरस्कार (कक्षा 4वीं)
गीतिका, दिव्यांशी, महेश, धनिष्ठा नाइट डिस्पेंसर इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने पवन चक्की, लिफ्ट, वाटर फिल्टर, रेन वाटर मशीन, कार्बन शुद्धिकरण यंत्र, मानव उत्सर्जन प्रणाली, रॉकेट, वाटर प्यूरीफायर, विंड मिल्स, एयर प्यूरीफायर एवं इलेक्ट्रिक क्रेन जैसे नवाचार मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें कार्तिक सिंगरौल, प्रज्ञा उपाध्याय, वंशिका वैष्णव, युवराज वैष्णव, अभय सिंह, रीवा श्रीवास, तनिष्क जायसवाल, निधि जायसवाल, आयुष्मान भोसले, ऋषभ ठाकुर एवं शिवांश पटेल सहित अनेक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या श्रीमती निवेदिता सरकार ने विद्यार्थियों को नई सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना के साथ विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन श्रीमती रीतू उपाध्याय द्वारा रोचक एवं ज्ञानवर्धक शैली में किया गया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, रचनात्मकता और प्रेरणा का अद्भुत संगम साबित हुआ।

