अग्निकांड ने बढ़ाई चिंता 6 घंटे तक धधकता रहा तेल गोदाम प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल…?
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र व्यापार विहार में शनिवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। खाद्य तेल से भरे एक गोदाम में भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। छह दमकल गाड़ियों को लगभग छह घंटे तक लगातार संघर्ष करना पड़ा, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका।

अगर एक टैंक भी फट जाता तो क्या होता…?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का भंडारण किया गया था तथा परिसर में तीन बड़े ऑयल टैंक मौजूद थे। आग लगते ही तेल ने ईंधन का काम किया और लपटें तेजी से फैलने लगीं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि आग ऑयल टैंकों तक पूरी तरह पहुंच जाती या कोई विस्फोट हो जाता, तो व्यापार विहार सहित आसपास का बड़ा इलाका इसकी चपेट में आ सकता था।
घनी आबादी के बीच तेल का विशाल भंडारण, जिम्मेदार कौन?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शहर के घने व्यावसायिक क्षेत्र के बीच इतने बड़े पैमाने पर ज्वलनशील सामग्री का भंडारण आखिर किन अनुमति और सुरक्षा मानकों के तहत किया जा रहा था…? जहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, वहां इस तरह की गतिविधियां गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।

व्यापारियों में दहशत, सामान बचाने की लगी होड़
आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास स्थित आलू-प्याज एवं अन्य थोक कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई व्यापारियों ने तत्काल अपने प्रतिष्ठानों से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया। घंटों तक पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
जेसीबी से तोड़नी पड़ी दीवार दमकल कर्मियों को आग की तीव्रता के कारण गोदाम के अंदर पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अंततः जेसीबी मशीन से दीवार तोड़कर भीतर प्रवेश किया गया, जिसके बाद आग पर नियंत्रण संभव हो सका। यह अभियान करीब छह घंटे तक चलता रहा।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
नगर निगम प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं। निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने सुरक्षा मानकों, भंडारण क्षमता, अग्निशमन व्यवस्थाओं और संचालन संबंधी नियमों की समीक्षा कराए जाने की बात कही है।

जनहित का सवाल
यह हादसा केवल एक गोदाम में लगी आग नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह बिलासपुर के सबसे बड़े औद्योगिक एवं व्यावसायिक हादसों में से एक साबित हो सकता था। प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि शहर के बीच संचालित ऐसे ज्वलनशील भंडारण केंद्रों की नियमित जांच हो और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
राहत की बात
भीषण आग, लाखों के नुकसान और घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते क्षेत्र खाली करा लिए जाने से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।

व्यापार विहार में आग का तांडव: तेल गोदाम बना मौत का जखीरा, बड़ा विस्फोट टला
शहर के बीच बारूद जैसा भंडारण! आग ने खोली सुरक्षा इंतजामों की हकीकत
अगर फट जाते ऑयल टैंक तो मच जाती तबाही। व्यापार विहार अग्निकांड ने बढ़ाई चिंता 6 घंटे तक धधकता रहा तेल गोदाम, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।

