सकरी पुलिस की सर्जिकल कार्रवाई नाबालिग समेत 7 आरोपी गिरफ़्तार…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर बिलासपुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सकरी थाना पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्रवाई में लुडो और आईपीएल क्रिकेट के जरिए सट्टा संचालित करने वाले गिरोह के सरगना सहित कुल 7 आरोपियों (एक नाबालिग सहित) को गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी में बड़ा खुलासा
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को ओम स्पेस कॉलोनी, सकरी में पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गिरोह के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग उपकरण बरामद हुए, जिनमें…
21 मोबाइल फोन
3 लैपटॉप
13 एटीएम कार्ड
8 पासबुक
1 क्रेटा कार (MP 18 ZB 8565)
जप्त सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था।

2 करोड़ से ज्यादा का सट्टा लेन-देन
पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल और लैपटॉप के विश्लेषण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।गिरोह अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक का सट्टा कारोबार कर चुका था। आरोपी विभिन्न राज्यों से जुड़े नेटवर्क के जरिए इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहे थे।
सरगना पहले भी रह चुका है सक्रिय
गिरोह का मुख्य सरगना राहुल छाबड़ा पूर्व में भी पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह नए नेटवर्क के साथ फिर सक्रिय हो गया था।
सख्त कानूनी कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं संगठित अपराध के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का सख्त संदेश
बिलासपुर पुलिस लगातार सट्टा कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रही है और इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तार आरोपी:
राहुल छाबड़ा (30 वर्ष), सरकण्डा, बिलासपुर
ओमप्रकाश नागवानी (21 वर्ष), सागर (म.प्र.)
आशीष सोमानी (37 वर्ष), बालाघाट (म.प्र.)
कैलास चावला (26 वर्ष), कटनी (म.प्र.)
विजय नागवानी (42 वर्ष), कटनी (म.प्र.)
दिनेश लालवानी (19 वर्ष), कटनी (म.प्र.)
एक विधि से संघर्षरत बालक
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अब अपराधी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।और पुलिस भी उतनी ही तेजी से उन्हें ट्रैक कर रही है।

