पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत ने समाज को दिया विश्वसनीय वैवाहिक परिचय मंच…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर सिंधी समाज के युवक-युवतियों को उपयुक्त एवं विश्वसनीय वैवाहिक परिचय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए श्री राधा कृष्ण मैरिज ब्यूरो का शुभारंभ बुधवार, 27 मई 2026 को किया गया। यह पहल समाज के परिवारों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं भरोसेमंद वैवाहिक परिचय मंच के रूप में कार्य करेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष विनोद मेघानी ने कहा कि वर्तमान समय में वैवाहिक परिचय की प्रक्रिया को सहज, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता को देखते हुए इस मैरिज ब्यूरो की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि अब सिंधी समाज के परिवारों को योग्य युवक-युवतियों की जानकारी एक ही स्थान पर सरल एवं गोपनीय तरीके से उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह केवल एक मैरिज ब्यूरो नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने एवं नई पीढ़ी को बेहतर पारिवारिक संबंधों से जोड़ने की सकारात्मक पहल है।

कार्यक्रम का संचालन पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के महामंत्री कमल बजाज ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन दयानंद तीर्थानी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर के पदाधिकारीगण, शहर की सभी 17 वार्ड पंचायतों के मुखीगण, महिला विंग एवं युवा विंग के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उपस्थित प्रमुख जनों में डी.डी. आहूजा, अर्जुन तीर्थानी, मोतीराम पमनानी, धनराज आहूजा, विनोद मेघानी, हरीश भागवानी, नानकराम खाटूजा, महेश पमनानी, रमेश लालवानी, रूपचंद डोडवानी, कमल बजाज, दयानंद तीर्थानी, मोहन चंदवानी, मोहन जैसवानी, निहाल सिंह तलरेजा, ओमप्रकाश जीवनानी, गोपाल दास सिंधवानी, नरेश कोटवानी, नंदलालपुरी, राकेश चौधरी, परसराम डोडवानी, प्रकाश चावला, रमेश देवानी, उत्तम बोदानी, गोवर्धन मोटवानी एवं नीरज जग्यासी शामिल रहे।

महिला विंग से विनीता भावनानी, कंचन मलघानी, सोनी बहरानी एवं गरिमा शहानी तथा युवा विंग से रॉबिन वाधवानी, सुमित सचदेव एवं नवीन रुपाणी की विशेष उपस्थिति रही।
पंचायत द्वारा समाज के सभी परिवारों से इस अभिनव सामाजिक पहल की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने एवं समाजहित में सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है।
“श्री राधा कृष्ण मैरिज ब्यूरो” की शुरुआत को सिंधी समाज में एक सकारात्मक, दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है, जिसकी समाजजनों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है।

