खाद माफियाओं पर चला प्रशासन का डंडा: 368 बोरी उर्वरक जब्त, अवैध भंडारण पर बड़ी कार्रवाई…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों के हितों की रक्षा और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले में कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 368 बोरी उर्वरक जब्त कर अवैध भंडारण का भंडाफोड़ किया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश एवं उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में जिलेभर में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है।

निरीक्षण अभियान के दौरान ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान विकासखंड बिल्हा स्थित ग्राम सेंदरी एवं लोफंदी में मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के प्रतिष्ठानों और गोदामों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थल पर भंडारित पाया गया जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था।
अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों और लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला मानते हुए समस्त उर्वरक को जब्त कर सीलबंद कर दिया। जब्त सामग्री को संस्था की अभिरक्षा में ही सुपुर्द किया गया है। मामले में उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.एस. गौतम द्वारा संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी उमेश कश्यप तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद रहे।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, पक्की रसीद अवश्य लें तथा खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करें। विभाग ने संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिले में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

