पं.दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
25-सितंबर 2021
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर। पं.दीनदयाल उपाध्याय भारत की एक ऐसी महान हस्ती थे जिन्होंने अपने कार्यो एवं विचारों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया तथा समाज व राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया उक्त उद्गार पं.दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा कार्यालय करबला रोड बिलासपुर में आयोजित संगोष्ठी में मुख्यवक्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भांटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कही।
श्री शर्मा ने पं.दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय के जीवन पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे, भारत की आजादी के बाद लोकतंत्र को अलग परिभाष देते हुए देश के नव निर्माण के लिए अनेक कार्य किए जो आज भी निरंतर उनके बताए कार्यो एवं योजनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकारें कार्य कर रही है। एकात्म मानव दर्शन के तहत् जब पुरी दुनिया साम्यवाद एवं पुंजीवाद में बंटी थी तब पं.दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति के उत्थान के बारे में सोचा उनका संकल्प था की समाज के गरीब से गरीब असहाय निर्धन व्यक्ति का अगर उत्थान नही होगा तो राष्ट्र देश का विकास संभव नही है।
श्री शर्मा ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी पं.दीनदयाल उपाध्याय की बुद्धिमता और विचारधारा से बहुत प्रभावित थे और डॉ.मुखर्जी ने कहा था कि अगर मेरे पास दो दीनदयाल होते तो मै भारत के राजनीतिक चेहरे को बदल देता। पं.दीनदयाल उपाध्याय के बताए रास्तों पर हम सबको चलना चाहिए उनके जीवन को अपने जीवन पर आत्मसात करना चाहिए।
इसी कड़ी में सांसद अरूण साव ने पं.दीनदयाल उपाध्याय जी को महान राष्ट्र सेवक बताते हुए कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म 25 सितम्बर 1916 को चंद्रभानगांव मथुरा उत्तर प्रदेश में श्री भगवती प्रसाद उपाध्याय एवं मॉ रामप्यारी के यहॉ हुआ वे एक मध्यम वर्गीय परिवार के हिस्सा थे। 1918 में उनके पिता की मृत्यु हो गई उनकी उम्र केवल ढाई वर्ष की थी परिवार का भरण पोषण बंद हो गया उनके नाना जी ने उनके परिवार को संभाला कुछ दिन बाद मॉ की भी बिमारी के कारण देहावसान हो गया तब वे 10 वर्ष के थे तो नाना जी का भी देहांत हो गया। छोटी सी उम्र में अपने परिवार को खो दिया। अब उनका एक ही सहारा था उनके भाई शिवदयाल दोनो मामा जी के साथ रहते थे वे अपने जीवन में आते उतार चढाव का सामना करते हुए हार नही मानी अपनी पढाई विषम परिस्थितियों में पूरी की, वे आरएसएस में प्रचारक बनकर उत्तर प्रदेश में काम प्रारंभ किया। 1953 में डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद भारतीय संघ की जिम्मेदारी पं.दीनदयाल पर आ गई।
संगोष्ठी को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने भी पं.दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पं.उपाध्याय ने भारतीय राजनीति की दशा और दिशा दोनो पर ध्यान केन्द्रीत करते हुए उन्होंने देश के हर वर्ग के विकास उत्थान के साथ साथ समाज के अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति के उत्थान एवं उनके सर्वांगिण विकास के बारे में ठोस कदम उठाते हुए कहा कि राष्ट्र तब खुशहाल होगा जब देश का गरीब से गरीब व्यक्ति एवं परिवार को सरकार की सारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। इसी दिशा में 5 सूत्रीय काम को लेकर उन्होंने अपना राजनीतिक सफर प्रारंभ किया। उन्ही के बताए मार्गो योजनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र की मोदी सरकार एवं भाजपा शासित राज्यों में चलाई जा रही है, जो आज पूर्ण रूप से सफल है।
संगोष्ठी की शुरूवात भारत माता, पं.दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीपप्रज्वलित कर किया। संगोष्ठी का संचालन भाजपा जिला महामंत्री मोहित जायसवाल व आभार अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश सूर्या ने किया। इस मौके पर बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लवकुश कश्यप, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि, किशोर राय, बृजभूषण वर्मा, तिलक साहू, जीवन पाण्डेय, रामू साहू, सुधा गुप्ता, राकेश चंद्राकर, निखिल केशरवानी, जयश्री चौकसे, कृष्ण कुमार कौशिक, चन्द्रप्रकाश सूर्या, दुर्गा प्रसाद कश्यप, लखन पैकरा, बृजेश शुक्ला, पल्लव धर, तामेश्वर कौशिक, दाउ शुक्ला, अरविंद गोयल, नंदकिशोर अग्रवाल, अंकित गुप्ता, गोविंद यादव, देवेन्द्र राव सोमावार, अमित टोप्पो, नवल वर्मा, सपन बिरेल, जुगल अग्रवाल, संजय गुप्ता, बी.वल्लभ राव, किशोर शुक्ला, दिलेन्द्र कौशिल, रामनाथ तिवारी, श्यामलाल बंजारे, अभिमन्यु सिंह, दुर्गेश कौशिक, विजय यादव, लक्ष्मी यादव, लोकेश सिंह चौहान, मनहरण लाल यादव, शंकरदयाल शुक्ला, यदुराम साहू, प्रणव शर्मा, राधेश्याम मिश्रा, दुर्गेश देवांगन, पवन श्रीवास, विजय अंचल, अजय सिंह, अमित सोनी, प्रेमकुमार देवांगन, राजेश कश्यप, बिशनलाल पटेल, अनिल पाण्डेय, राजेश सिंह, सतीश गुप्ता, प्रकाश यादव, योगेश बोले, जगदीश पाण्डेय, आनंद तिवारी, आशीष मिश्रा, बिन्दा कश्यप, विनोद कुमार, रोशन राही, रवि मोहोड़, रामेश्वर भोई, दीपक साहू, प्रदीप शुक्ला, गायत्री साहू, वंदना जेण्ड्रे, स्नेहलता शर्मा, मनीराम ध्रुव, राकेश वर्मा, संदीप दास, संतोष यादव, हरि गुरूंग, गंगा प्रसाद साहू, पुरूषोत्तम पटेल, योगेश्वर दुबे, मनीष कौशिक, थानूराम साहू, राजेन्द्र अग्रहरि, लक्ष्मीकृष्णा रजक, श्रीपाल कुशवाहा, पीसी सिन्हा, रूप सिंह नेली, महाराज सिंह नायक, घनश्याम सिंह दीक्षित, तिरिथ यादव, संतोष तिवारी, जीवन मिश्रा, वेंकट अग्रवाल, डॉ.सुनील जायसवाल, श्यामकार्तिक वर्मा, निरंजन प्रसाद गहवई, जीवनलाल पाण्डेय, लव कुमार पाण्डेय, शिव देवांगन, बीआर महोबिया, दिलीप कोरी, देवेश सोनी, पंकज जायसवाल, वैभव गुप्ता, रितेश अग्रवाल, लोकेश्वरी राठौर, दीपशिखा यादव, योगिता सिंह, रजनी यादव, चंदना गोस्वामी, शोभा कश्यप, करूणा यादव, अनीता डे, रश्मी साहू, सिद्धार्थ शुक्ला सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
संगोष्ठी के पश्चात मुख्यवक्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व भांटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने बिलासपुर विधानसभा के वार्ड क्र.15 के बूथ क्रमांक-36 गुलमोहर पार्क में पहुॅचकर पं.दीनदयाल उपाध्याय जी जयंती पर आयोजित बूथ स्तरीय संगोष्ठी में पं.उपाध्याय जी के जीवन पर प्रकाश डाला एवं पांच वृक्ष लगाये। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, सुनीता मानिकपुरी, अजीत सिंह भोगल, निखिल केशरवानी, राकेश चंद्राकर, अमित चतुर्वेदी, धर्मेन्द्र चंद्राकर, किशोर कछवाहा, अखिलानंद पांडेय, स्वेता पांडेय, एम एल सोनी, बबीता सिंह, चंद्रेश शर्मा, राकेश चौबे, सुरजीत सिंह, नितिन पटेल, सुभाष तिवारी, परमानंद मिश्रा, अजीत सिंह, श्रद्धा तिवारी, पूनम शुक्ला, इंदुबाला सिंह, विनीता सिंह, निरुपमा शर्मा, सिद्धार्थ शुक्ला, रितेश अग्रवाल सहित बूथ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।






