वसुलीगढ़ बना हमर छत्तीसगढ़ पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने भूपेश सरकार पर किया तीखा प्रहार!
10-अक्टूबर 2021
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के साथ साथ छत्तीसगढ़ राज्य के गरीब परिवारो को प्रति व्यक्ति 5 किलो चॉवल भेजा था लेकिन प्रदेश सरकार ने वह चॉवल नही दिया। प्रदेश सरकार के इस कृत्य को लेकर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास भवन के सामने नेहरू चौक पर भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर विधानसभा स्तरीय आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कही। श्री अग्रवाल ने कहा कि 2018 से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी है तब से आए दिन कोई न कोई अप्रिय घटना घटित हो रही है, जिसमें हत्या, डकैती, लूटपाट, अपहरण, दुष्कर्म जैसे अनेक मामले लगातार हो रहे है जो प्रदेश के लिए चिंता का विषय बन गया है। हमें याद है एक समय देश भर में एक किताब खुब चलती थी जिसका नाम मनोहर कहानिया थी उस किताब पर ऐसी-ऐसी घटनाओं का वर्णन होता था कहानिया छपती थी, अगर देखा जाए तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कारगुजारिया एवं प्रदेश में लगातार घटनाएं हो रही है उसी की पात्र बन गई है प्रदेश की कांग्रेस सरकार। श्री अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल के दौरान देश भर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने देश के गरीब परिवारों के खाने की व्यवस्था करते हुए प्रधानमंत्री ने चिंता की उन परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में प्रति व्यक्ति 5 किलों चॉवल भेजा गया लेकिन प्रदेश की भूपेश सरकार गरीबों के चॉवल नही दिया। गरीबों का हक मारते हुए उनके अनाज में डाका डाला गया जो घोर निंदनीय है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है सरकार के मुखिया भूपेश बघेल ने प्रदेश को वसुली गढ बना दिया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज प्रदेश को कर्ज के बोझ में लाद दिया है। 80 हजार करोड रूपए का कर्ज सरकार ले चुकी है। सिर्फ कर्ज के दम पर प्रदेश की सरकार काम कर रही है। पैसा आया कहा गया पता नही चल रहा है। आने वाले समय में देश का सबसे बडा घोटाला बनकर सामने आएगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि हमें चाहे जितनी लड़ाई लड़ने पड़े, धरना प्रदर्शन करना पडे करेंगे, लेकिन गरीबों के लिए चॉवल जो मोदी जी ने भेजा है उसे दिलाकर रहेंगे तथा प्रदेश सरकार का चाल चरित्र चेहरा जनता के मसाने सामने लाया जाएगा।
इसी कड़ी में भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार गरीबों का हक मार रही है वह निंदनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब परिवारों को 5 किलों प्रति व्यक्ति चॉवल भेजा है उसे प्रदेश सरकार नहीं दे रही है। यही सरकार की नीयत है जो सरकार गरीबों का हक मारे उस सरकार की सोच कार्यप्रणाली कितनी क्या हो सकती है। यह प्रदेश के लिए दुर्भाग्य है। श्री कुमावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश सरकार को मजबूर करेंगे जब तक गरीबों का चॉवल उन्हें नही मिल जाता।
धरने को भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूजा विधानी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि सरकार की नियत इस बात से समझ आती है कि जो सरकार गरीबों का अधिकार एवं हक मार ले उसकी मानसिकता एवं कार्यप्रणाली क्या हो सकती है।
प्रदेश में आज भय, भ्रष्टाचार, लूटमार, हत्या, डकैती, अपहरण, दुष्कर्म, अवैध वसूली के नाम से जाना जाने लगा है। सरकार सिर्फ पैसा कमाने एवं भ्रष्टाचार में लगी हुई है।
धरने को पूर्व महापौर किशोर राय, विनोद सोनी, राजेश सिंह, दीपक सिंह, सुनीता मानिकपुरी, जयश्री चौकसे, शैलेन्द्र यादव, विजय ताम्रकार ने भी संबोधित किया। धरने का संचालन रमेश लालवानी ने किया।
इस मौके पर अमरजीत सिंह दुआ, अशोक विधानी, मकबूल अली, प्रवीण दुबे, पल्लव धर, दाउ शुक्ला, विजय सिंह, निर्मल जीवनानी, जुगल अग्रवाल, अजीत सिंह भोगल, संदीप दास, चन्द्रप्रकाश मिश्रा, मनीष अग्रवाल, राजेश मिश्रा, अमित तिवारी, उमेश यादव, नारायण गोस्वामी, केदार खत्री, मनीष गुप्ता, रोहित मिश्रा, दुर्गेश पाण्डेय, संतोष सिंह, हरि गुरूंग, प्रकाश यादव, रमेश जायसवाल, रोशन सिंह, महर्षि बाजपेयी, नितिन छाबड़ा, ओंकार केशरवानी, मोनू रजक, मुकेश राव, महेन्द्र जायसवाल, देवेश खत्री, राजेश रजक, विजय यादव, अनुज वोहरा, डी.के. साहू, दिनेश देवांगन, डीएन, शोभा कश्यप, रिजनी यादव, सीमा पाण्डेय, पुष्पा तिवारी, गंगा साहू, आशा निर्मलकर, मीना गोस्वामी, राही विश्वकर्मा, नेहा पाण्डेय, रीना पाण्डेय, उषा भास्कर, मधुबाला टंडन, प्रतिभा मिश्रा, ममता राई, अर्चना मल्लेवार, शकीला बेगम, सीमा टेकवानी, शकीला बेगम, चंचल कुशवाहा, प्रमिला साहू, रामेश्वरी यादव, राधिका साहू सहि बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।


