बुजुर्गों की आख़िरी ख्वाहिश सिर्फ थोड़ा सा प्यार…! यातायात पुलिस व शेल्टर होम ने वृद्धा आश्रम में मनाई दीपावली
बाँटी खुशियाँ…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर त्योहारों के इस मौसम में जहाँ हर घर में दीपों की रौशनी और खुशियों का माहौल है, वहीं यातायात पुलिस बिलासपुर ने इस दीपावली को एक अलग और मानवीय रूप में मनाकर समाज के लिए एक मिसाल पेश की है।
यातायात पुलिस ने शहर के नागरिक संगठनों पुलिस मित्रों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर वृद्धाश्रम एवं शेल्टर होम में निवासरत बुजुर्गों और बच्चों के साथ दीपावली का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया।

बुजुर्गों की सेवा और स्नेह का संगम
वृद्धाश्रम पहुँचकर पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों ने बुजुर्ग माताओं और पिता तुल्य वरिष्ठ जनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्हें शाल, श्रीफल और दीपावली की मिठाइयाँ भेंट की गईं तथा परिसर को रंग-बैलून और दीपों से सजाया गया।

पुलिस कर्मियों और नागरिकों ने उनके साथ फुलझड़ियाँ और पटाखे जलाकर खुशियों के इस पर्व को साझा किया।
इस अवसर पर उपस्थित बुजुर्ग भाव-विभोर हो उठे। कई ने अपने अतीत की यादें बाँटते हुए कहा आज फिर लगा कि हम अपने परिवार के बीच हैं।

बच्चों संग दीपों की मुस्कान
यातायात पुलिस और पुलिस मित्रों ने शहर के शेल्टर होम में बच्चों के साथ दीपावली मनाते हुए बैलून सजाए फुलझड़ियाँ जलाईं और मिठाइयाँ बाँटीं।

घर से दूर ये बच्चे पुलिस के साथ दीपावली मना कर खुशी से झूम उठे।
ड्यूटी के साथ संवेदनशीलता की मिसाल
गौरतलब है कि दीपावली के दौरान जहाँ यातायात पुलिस 24×7 सड़क सुरक्षा व्यवस्था में जुटी रहती है, वहीं सीमित समय निकालकर उन्होंने समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी और करुणा का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।

भावुक पल और प्रेरक संदेश
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारी और स्वयंसेवक भावुक हो उठे। सभी ने एक स्वर में कहा माता-पिता हमारे जीवन की आत्मिक धुरी हैं। उनकी सेवा और देखभाल हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी और नैतिक कर्तव्य है।
वृद्धजनों ने भी समाज से अपील की कि…
कभी भी अपने बुजुर्गों को परिवार से अलग न करें। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें सिर्फ दवा नहीं, अपनेपन की भावना और मानसिक सहारा चाहिए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे यातायात विभाग के अधिकारी कर्मचारी के साथ सिद्धा फाउंडेशन के अध्यक्ष चंचल सलूजा सदस्य ज्योति मिश्रा सरभजित कौर, शेखर सरकार सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यातायात पुलिस बिलासपुर की यह पहल न केवल मानवीय संवेदना का उदाहरण बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि दीपावली की सच्ची रोशनी वही है जो किसी के जीवन में खुशियाँ बिखेरे।

