दिया तगड़ा तर्क…!
अब केवल 12 दिन शेष हैं और वर्तमान अनुसार खरीदी जारी रही तो कोटा विधानसभा क्षेत्र में ही 1000 किसान धान बेचने से रह जाएंगे वंचित…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित होने के साथ ही जिले के हजारों किसानों की चिंता बढ़ गई है। समितियों में प्रतिदिन धान खरीदी की तय लिमिट के कारण बड़ी संख्या में किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर बिलासपुर को पत्र लिखकर जिलेभर के धान खरीदी केंद्रों में लिमिट बढ़ाने अथवा खरीदी तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने पत्र में उल्लेख किया है कि अब केवल 12 दिन शेष हैं और वर्तमान लिमिट के अनुसार खरीदी जारी रही तो कोटा विधानसभा क्षेत्र में ही 1000 से अधिक किसान धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि रतनपुर, केंदा, बेलगहना, मिट्ठूनवागांव, धूमा, नगचुई, चपोरा, पोड़ी, पचरा, करगीकला सहित कई धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की लिमिट अत्यंत कम रखी गई है। वर्तमान स्थिति में लगभग 25 प्रतिशत किसानों का धान अब भी बिकना शेष है, लेकिन लिमिट कम होने के कारण किसानों को न तो समय पर टोकन मिल पा रहा है और न ही धान बिक्री हो पा रही है।
विधायक ने कहा कि किसानों ने कड़ी मेहनत, लगन और लागत के साथ फसल तैयार की है, लेकिन शासन की वर्तमान व्यवस्था के कारण उनकी उपज बिक नहीं पा रही है, जो सीधे तौर पर किसानों के हितों पर चोट है।
अटल श्रीवास्तव ने मोदी गारंटी का हवाला देते हुए कहा कि शासन की नीति के अनुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी सभी किसानों से की जानी है। यदि लिमिट या तिथि नहीं बढ़ाई गई, तो यह मोदी गारंटी का उल्लंघन होगा और किसान हितैषी नीतियों के विपरीत निर्णय माना जाएगा।
उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया है कि किसानों की गंभीर समस्या को देखते हुए शासन को शीघ्र लिमिट बढ़ाने या धान खरीदी की तिथि आगे बढ़ाने की अनुशंसा भेजी जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पाए।
किसानों के हित में विधायक की पहल, अब शासन के फैसले पर टिकी निगाहें।


