तहसीलदार मस्तूरी की जांच रिपोर्ट में वीडियो की सत्यता की पुष्टि पर उपायुक्त सहकारिता ने किया नोटिस जारी●●●
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर मस्तूरी विकासखंड के गतौरा धान खरीदी केंद्र में रिश्वत का मामला सामने आया है। एक किसान ने रिश्वत के तौर पर ₹4000 देते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया, जिससे धान खरीदने में अनियमितता का खुलासा हुआ। इस मामले में बारदाना प्रभारी लव कुमार यादव और प्राधिकृत राजेंद्र राठौर पर आरोप लगे हैं।

क्या है मामला?
किसान हरप्रसाद सूर्यवंशी ने शिकायत दर्ज कराई कि धान की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उनसे ₹4000 की मांग की गई। किसान ने यह राशि देते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब वायरल हो रहा है।
जांच में क्या हुआ खुलासा?
तहसीलदार मस्तूरी की जांच रिपोर्ट में वीडियो की सत्यता और आरोपों की पुष्टि की गई। धान खरीदी केंद्र प्रभारी नरेंद्र वस्त्रकार ने भी वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान बारदाना प्रभारी और प्राधिकृत के रूप में की।

कार्रवाई की तैयारी
उपायुक्त सहकारिता मंजू पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान की शिकायत और वीडियो की जांच पूरी होने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत पर उठे सवाल-:
हालांकि, वीडियो में स्पष्ट चेहरा न दिखने के कारण उसकी आधिकारिक पुष्टि पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एसडीएम मस्तूरी ने इस वीडियो को तथ्यात्मक मानते हुए जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
निष्कर्ष-:
उपायुक्त सहकारिता ने कहा कि किसान की शिकायत और वीडियो की गहन जांच के बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई होगी। इस घटना ने धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

