
महामाया मंदिर में अचानक धड़ाधड़ गिरने लगे दर्शनार्थी!
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार एक दशक बाद फिर से हुई ऐसी घटना!
19-Aug,2020
[जनहित न्यूज़]-इन दिनों रतनपुर स्थित सिद्ध शक्ति पीठ महामाया मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालु, मंदिर के पुजारी और कर्मचारी धड़ाधड़ गिर रहे हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब दर्जनभर से अधिक लोग मंदिर परिसर में गिरते पड़ते ना देखे जाते हो। ऐसा एक दशक बाद होने की बात कहीं जा रही है। यह सब कुछ इसलिए हो रहा है क्योंकि इस चमत्कारी मंदिर की दीवारों और फर्श से पानी का रिसाव हो रहा है। मंदिर परिसर में लगाए गए टाइल्स के अंदर से बुलबुले के साथ पानी ऊपर आ रहा है तो वहीं कुछ दीवारों से भी पानी का रिसाव होते देखा जा रहा है।

इस कारण पूरे परिसर में हमेशा पानी की एक परत जमी रहती है। यही कारण है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु और यही सेवा देने वाले कर्मचारी भी चिकने टाइल्स पर फिसल कर गिर रहे हैं।
बताते हैं कि ऐसा 10 साल पहले हुआ था। मंदिर परिसर से लगा महरैय्या तालाब और जलकुंड है। बताते हैं जब जब इस कुंड में जलस्तर बढ़ जाता है और यही मौजूद जलेश्वर महादेव, जिसे स्थानीय लोग पनडुब्बी महादेव भी कहते हैं, वह शिवलिंग डूब जाता है, तब इसी तरह की घटना घटित होती है। यही कारण है कि इस शिवलिंग का नाम पनडुब्बी शिवलिंग रखा गया है।

इस वर्ष भारी बारिश होने से कुंड छलक रहा है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि 10 साल पहले जब ऐसी स्थिति हुई थी तो उस वक्त पूरे कुंड को खाली कर कांक्रीटीकरण किया गया था, जिसके बाद कई वर्षों तक समस्या नहीं आई, लेकिन इस वर्ष फिर से वही समस्या देखी जा रही है। कुंड में अधिक पानी हो जाने से पानी का दबाव बढ़ गया है जो धरती के नीचे से फूट रहा है, तो वहीं कुछ दीवारों से भी पानी का रिसाव हो रहा है, इसे लेकर ही आशंका जताई जा रही है कि कहीं नीव में पानी घुस जाने से मूल मंदिर को नुकसान ना हो। हालांकि प्रबंधन इससे साफ इनकार कर रहा है और उनके द्वारा बताया जा रहा है कि इस स्थिति को नियंत्रित करने फिलहाल महरैय्या तालाब के अतिरिक्त जल को बहा दिया जा रहा है, ताकि मंदिर के अस्तित्व पर किसी तरह का खतरा ना आए।

वहीं कुछ लोगों की राय है कि अगर मंदिर परिसर में संगमरमर की जगह खांचे वाले टाइल्स लगाए गए होते तो फिर लोग गिरकर चोटिल नहीं होते।
यहां संगमरमर के फर्श पर हर वक्त पानी होने से परिसर फिसलन बन चुका है, जहां लोग बड़ी तेजी से गिर रहे हैं और उन्हें चोट भी आ रही है, लेकिन इसे प्राकृतिक घटना बता कर महामाया मंदिर ट्रस्ट भी बेबस नजर आ रहा है। अक्सर मां महामाया के दर्शन कर निकालने वाले श्रद्धालु जैसे ही आंगन में प्रवेश करते हैं तो वहां मौजूद फिसलन की वजह से वे गिर जाते हैं। यह स्थिति काफी खतरनाक भी है, लेकिन सिवाय पानी के स्तर के कम हो जाने की प्रतीक्षा करने के अलावा और कोई भी हल फिलहाल नजर नहीं आ रहा और इसका तत्काल में किसी प्रकार का समाधान नही किया जा सकता।

