
दूसरे मामले में ब्यूटी पार्लर संचालिका महिला ने लगाई फाँसी कारण अज्ञात!
21-Aug,2020
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] चाइनीस वायरस कोविड-19 का प्रभाव
इस क़दर लोगों का जीना मुहाल कर दिया है कि जब से पूरे दुनिया भर में फैला है तब से दुनिया भर में लगाए गए लॉकडाउन से आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। भारत में कहने को तो लॉक डाउन हटा लिया गया है लेकिन अनलॉक की स्थिति में भी सब कुछ इस कदर नियंत्रित है कि आधे से अधिक लोग बेरोजगार हो चुके हैं। यही कारण है कि आर्थिक तंगी के कारण लोगों को खुदकुशी का रास्ता भी अख्तियार करना पड़ रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू होने के बाद भी बस और ऑटो सर्विस पहले की तरह सुचारू रूप से नहीं चल रही। यही कारण है कि जगमाल चौक निवासी 24 वर्षीय ऑटो चालक रामकुमार यादव के सामने आर्थिक संकट इस कदर गहरा गया कि उसे अन्ततः अपनी जिंदगी समाप्त करनी पड़ी।

तोरवा छठ घाट में एक पेड़ पर फांसी पर लटकती लाश की सूचना से हड़कंप मच गया। बाद में सरकंडा पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ की जगमल चौक में रहने वाले ऑटो चालक रामकुमार यादव ने संभवतः आर्थिक परेशानियों से तंग आकर ही यह कदम उठाया होगा, क्योंकि पिछले 5 महीनों से कामकाज नहीं के बराबर है। इस बीच घर चलाना भी मुश्किल हो रहा था। भविष्य में भी हालात के बेहतर होने की कोई उम्मीद नजर ना आने के बाद रामकुमार ने संभवत ऐसा कदम उठाया होगा। हालांकि उसने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है इसलिए पूरे इत्मीनान से यह कहना आसान नहीं है कि उसने खुदकुशी क्यों की। वही दूसरी घटना में ब्यूटी पार्लर संचालिका ने भी आत्महत्या कर ली
लिंगियाडीह निवासी ज्योति खांडेकर(25 वर्ष) अपने घर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। उसने अपने दोनों बच्चों को दूसरे कमरे में छोड़कर फांसी लगा ली। थोड़ी देर में महिला के पति ने उसे फांसी पर झूलते देखा। तब तक उसकी मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है।
महिला ने सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें उसने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। उसने फांसी के कारण का जिक्र नहीं किया है। पुलिस परिजन का बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
फिलहाल सरकंडा पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। छठ घाट के जिस हिस्से में रामकुमार ने फांसी लगाई है धीरे-धीरे वह स्थान सुसाइड प्वाइंट के रूप में कुख्यात होता जा रहा है। सुनसान और पेड़ों से छुपे होने के कारण लोग यहां आत्महत्या कर रहे हैं, वही छठ घाट के सामने मौजूद पुलिस चौकी के भी बंद रहने से इस तरह की घटनाएं बढ़ी है, जिसे लेकर पुलिस का तर्क यह है कि मोपका में नया पुलिस चौकी खुल जाने के बाद इस चौकी पर ध्यान कम दिया जा रहा है, वहीं पुलिस का यह दावा भी है कि छठ घाट में आत्महत्या के मामलों में पहले से कमी आई है।

